يَا يَحْيَى خُذِ الْكِتَابَ بِقُوَّةٍ وَآتَيْنَاهُ الْحُكْمَ صَبِيًّا﴿12﴾ ऐ यहिया! किताब को मज़बूती से थामे रहो, और हमने उसे बचपन से ही नबूवत प्रदान की। सूरा मर्यम 3492983